Tuesday, May 24, 2022
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How to apply up shaadi anudan Yojana 2022 उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के द्वारा आप पा सकते हैं 51000 की आर्थिक सहायता

How to apply up shaadi anudan Yojana 2022. हमारे राज्य उत्तर प्रदेश मे कुछ परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा , विकास तथा शादी को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे गरीब परिवारों के लिए हमारी राज्य सरकार समय समय पर नई नई योजनाएं चलाती रहती है।

जिसकी सहायता से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सुविधा पूर्ण तरीके से जीवन यापन कर सके।

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना इसी प्रकार की एक योजना है जो उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के द्वारा चलाई गई है जिसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी पर सरकार द्वारा 51000 की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है।

जिसकी सहायता से गरीब परिवारों को कर्ज लेने की आवश्यकता न पड़े और वह सुविधा पूर्ण तरीके से अपनी बेटियों की शादी कर सकें।

इस लेख के माध्यम से आप उत्तर प्रदेश शादी अनुदान के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

How to apply up shaadi anudan Yojana 2022-min

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना क्या है

इस योजना की शुरुआत 2016 – 17 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई। आर्थिक रूप से कमजोर गरीब परिवारों के लिए यह योजना सरकार के द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

कुछ गरीब परिवार को आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की शादी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं जिसके समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत की जिसके अंतर्गत लाभार्थी को 51000 की आर्थिक सहायता मिलेगी।

इस योजना का लाभ परिवार की केवल दो बेटियों को ही मिल सकती है । इसके अतिरिक्त लड़की की केवल प्रथम शादी पर ही इसका लाभ मिल सकता है।

Note – 1. इस योजना के लाभ उठाने के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है।

यह योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए है जिन्हें सरकार द्वारा 51000 की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी । इसके लिए आवेदक का बैंक खाता होना अति आवश्यक है जिससे यह धनराशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो सके।

शादी अनुदान योजना जरूरी क्यों है ?

ज्यादातर गरीब लोग अपनी आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी बेटियों की शादी के लिए चिंतित रहते हैं।

इस योजना के द्वारा सरकार का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के प्रति उत्पन्न होने वाली हीन भावना को समाप्त करना है ।

इस योजना का लाभ लेकर व्यक्ति कर्ज लेने से बच सकते हैं और सम्मान के साथ अपनी बेटियों की शादी कर सकते हैं ।

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले आपको इसके ऑफिशियल वेबसाइट shaadianudan.upstc.gov.in पर जाकर इसके लिए आवेदन करना होगा।

How to apply up shaadi anudan Yojana 2022

यही लोग ले सकते हैं शादी अनुदान योजना का लाभ

  • ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय आय 46000 तथा शहरी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 56000 हो वही व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकते हैं ।
  • व्यक्ति को उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है । किसी अन्य राज्य का निवासी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता ।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष तथा लड़की की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • व्यक्ति का खाता ऐसे बैंक में होना चाहिए , जो राष्ट्रीयकृत हो ।
  • देश के सभी अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति तथा ओबीसी वर्ग के लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं ।
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को शादी से 3 माह पहले या शादी के 3 माह बाद तक आवेदन करना अनिवार्य है अन्यथा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
  • इस योजना का लाभ केवल शादीशुदा जोड़े ही उठा सकते हैं।
  • केवल प्रथम शादी पर ही लड़की को यह आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • एक परिवार की केवल दो बेटियों को ही शादी अनुदान का लाभ मिल सकता है।
  • उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना का लाभ लड़की की केवल प्रथम शादी पर ही मिल सकती।

शादी अनुदान के लिए जरूरी है यह डाक्यूमेंट्स

शादी अनुदान योजना के लिए के लिए आवेदक के पास निम्नलिखित डाक्यूमेंट्स होना अनिवार्य है अन्यथा इस योजना के लिए आवेदन नहीं हो सकता है

आवेदक का आधार कार्ड , लड़का लड़की का फोटो , जॉइंट फोटो, पासपोर्ट साइज फोटो , पहचान पत्र , शादी का कार्ड , बैंक पासबुक निवास प्रमाण पत्र , आय प्रमाण पत्र, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, लड़का लड़की का जन्म प्रमाण पत्र , निवास प्रमाण पत्र।

अगर इनमें से कोई भी एक डाक्यूमेंट्स आपके पास नहीं है तो सबसे पहले उसे बनवा लें।

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के लिए आप स्वयं कर सकते हैं आवेदन

  • सबसे पहले आपको शादी अनुदान योजना के ऑफिशियल वेबसाइट shaadianudan.upstc.gov.in पर जाना होगा ।
  • आपको होम स्क्रीन पर अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी तथा अल्पसंख्यक वर्ग श्रेणी नाम का तीन ऑप्शन खुलेगा।
  • अपनी जाति वाले ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
  • स्क्रीन पर पूछे गए जानकारी जैसे जिला, शहर, गांव, कस्बा शादी की तारीख इत्यादि भरने के बाद । आपको अपना दस्तावेज अपलोडे करना होगा ।
  • सबसे पहले अपलोड की जाने वाली डाक्यूमेंट्स जैसे शादी का कार्ड ,आय प्रमाण पत्र , जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य प्रकार के डाक्यूमेंट्स स्कैन करके उसकी साइज को बना लेना है।
  • सभी डाक्यूमेंट्स जैसे आय प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र शादी का कार्ड आधार कार्ड इत्यादि का को अपलोड कर देना है।
  • फिर बैंक डिटेल भरने के बाद आपको Save बटन पर क्लिक करना है।
  • ये सभी प्रक्रिया पूरा करने के बाद आपका आवेदन सफलता पूर्वक पूरा हो जाएगा।
  • उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के आवेदन से संबंधित अन्य जानकारी

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक सबसे जरूरी अपने जाति श्रेणी का विशेष ध्यान दें, अपनी जाति श्रेणी में ही आवेदन करें इसके अतिरिक्त किसी अन्य जाति श्रेणी में आवेदन करने के कारण उनका आवेदन निरस्त हो सकता है।

जो भी जानकारी आप भरे वह उचित और सही होना चाहिए अन्यथा आपका फॉर्म निरस्त हो सकता है।

सभी लगाए गए डाक्यूमेंट्स सही , उचित साइज के तथा साफ होने चाहिए। अस्पष्ट दस्तावेज का प्रयोग नहीं करना है।

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना से समबन्धित अन्य जानकारी के लिए आप इसके अफिसियल वेबसाइट shadianudan.gov.in पर जा के देख सकते हैं।

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आपका बहुत-बहुत धन्यबाद.

How to check new installment of PM Kisan Nidhi पीएम किसान निधि के लाभार्थी 2 मिनट में चेक करें नए किस्त की जानकारी

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana. 1 फरवरी 2019 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा शुरू की गई पीएम किसान निधि योजना के तहत सरकार किसानों को हर वर्ष दो दो हजार रुपए सीधे खाते में दे रही है।

अब तक लाभार्थी पीएम किसान निधि के तहत 10 किस्त प्राप्त कर चुके हैं। नई किस्त जल्द ही खाते में आने वाली है।

How to check new installment of PM Kisan Nidhi-min

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana

इस योजना के तहत सरकार का उद्देश्य

भारत में कृषि पर जीवन निर्वाह करने वाले लोगों की संख्या अधिक है। छोटे स्तर के किसानों की सहायता के लिए सरकार द्वारा पीएम किसान निधि योजना की शुरुआत की गई जिसके अंतर्गत प्राप्त धनराशि के द्वारा किसान लाभ उठा सकते हैं।

यह योजना गरीब किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार के द्वारा उठाया गया एक उचित कदम है, इससे प्राप्त धनराशि के माध्यम से छोटे स्तर के किसान उचित तरीके से कृषि कार्य कर सकते हैं।

किसान निधि योजना में दी गई नई सुविधाएं

शुरू में इसका लाभ उठाने के लिए जमीन की एक निश्चित सीमा तय की गई थी लेकिन अब सभी किसान पीएम किसान निधि योजना का लाभ उठा सकते हैं।

इस योजना के लाभ के लिए आधार कार्ड से मोबाइल लिंक होना जरूरी है।

आप आधार नंबर और अकाउंट नंबर दोनों से अपने सभी किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

पहले ग्राम पटवारी के द्वारा इसका आवेदन कराना पड़ता था परंतु अब किसान स्वयं इसके ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकता है।

Note. पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ वही किसान उठा सकते हैं जिन्होंने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है अगर आपने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो इसके ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

और जिन किसान भाइयों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है वह इसी वेबसाइट पर जाकर अपने सभी किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

How to check all installment of PM Kisan Nidhi Yojana पीएम किसान निधि योजना के सभी किस्तों की जानकारी कैसे प्राप्त करें

नीचे दिए गए स्टेप्स के द्वारा आप अपने पीएम किसान निधि योजना के सभी किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पहले आपको किसान सम्मान निधि योजना के ऑफिसियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट को ओपन करते ही एक होम पेज खुलेगा।

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana (1)-min

अब होम पेज पर बेनिफिशियरी स्टेटस नाम के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana (2)-min

अब नए पेज पर खुले ऑप्शन में अपना आधार कार्ड या अपना अकाउंट नंबर भर कर सबमिट पर क्लिक कर देना है।

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana (3)-min


अब आपकी पीएम निधि किसान योजना के सभी किस्तों की जानकारी आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी। आप चाहे तो उसे डाउनलोड कर सकते हैं या प्रिंट करा सकते हैं।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के विषय में और अधिक जानकारी के लिए इसके ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

पीएम किसान निधि योजना के विषय में अन्य जरूरी जानकारी

पीएम सम्मान निधि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी को 6000 रुपए प्रतिवर्ष अर्थात 2000 रुपए के समान किस्तों में प्राप्त होगा।

इस योजना के लाभ के लिए प्रारंभ में एक निश्चित मापदंड निर्धारित की गई थी, जिसके अनुसार जिन किसान भाइयों के पास 2 हेक्टेयर अर्थात 5 एकड़ तक की कृषि योग्य भूमि है वही इस योजना का लाभ ले सकते थे किंतु वर्तमान समय में सरकार ने यह सीमा समाप्त कर दी है बाकी शर्तें जारी हैं।

इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए भारत सरकार ने एक मोबाइल एप लांच किया है। इस ऐप का नाम पीएम किसान गो है।

पीएम किसान गो एप डाउनलोड करें और पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल की सभी सुविधाएं मोबाइल पर प्राप्त करें करें।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना को और प्रभावी बनाने के लिए किसान भाइयों की सुविधा के लिए भारत सरकार ने पीएम किसान नामक ऐप लांच किया है। जो प्ले स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है।

इस ऐप का लाभ लेने के लिए आप निम्नलिखित प्रक्रिया द्वारा इसे डाउनलोड कर सकते हैं

  • सबसे पहले आपको अपना प्ले स्टोर ओपन करना है।
  • उसके बाद pmKisan go टाइप करके सर्च करना है जिसके बाद एक 17 एमबी का ऐप खुल जाएगा।
  • अब पीएम किसान ऐप को इंस्टॉल कर लेना है जिससे सारी सुविधाएं आपको मोबाइल में मिल जाएंगे।

PmKisan go app पर मिलेंगी यह सभी सुविधाएं

भारत सरकार द्वारा लांच किए गए पीएम किसान एप पर वे सारी सुविधाएं मिलेंगी जो आपसे ऑफिशियल वेबसाइट के पोर्टल पर मिलती हैं। इस ऐप का निर्माण NIC Egov के द्वारा किया गया है।

  • नए किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • अपने फॉर्म की स्थिति जांच कर सकते हैं।
  • अपनी सभी किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
  • ऐप के जरिए पीएम किसान निधि से संबंधित सभी जानकारी ले सकते हैं।
  • तथा इस पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर के द्वारा अपनी समस्याओं के विषय में बात कर सकते हैं।

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आपका बहुत-बहुत-धन्यबाद.

How to update e-shram card इस श्रम कार्ड को अपडेट ऐसे करें

How to update e-shram card. सभी श्रमिकों की जानकारी एक जगह एकत्रित करने के लिए सरकार ने एक ई-श्रम पोर्टल लांच किया।

जहां पर रजिस्टर्ड श्रमिकों को 2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ इसी पोर्टल से वितरित किए जाएंगे।

अन्य प्रकार की सुविधाएं तथा महामारी जैसी परिस्थितियों में श्रमिकों की सहायता के लिए इसी पोर्टल के डेटा का उपयोग किया जाएगा।

How to update e-shram card-min

इस पोर्टल पर अब तक 24 करोड़ श्रमिकों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

Note- आपने अभी तक इस पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो e-shram के पोर्टल eshram.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और यदि रजिस्ट्रेशन कर लिया है तो इसी पोर्टल पर जाकर उसे अपडेट कर सकते हैं।

श्रम कार्ड अपडेट करना जरूरी क्यों है Why is it necessary to update e-shram card

E-shram के पोर्टल पर रजिस्टर्ड श्रमिको को प्रत्येक महीने 1000 उनके अकाउंट में आर्थिक लाभ के रूप में दिया जा रहा है ।

परंतु कुछ लोगों का e-shram बनवाते समय account number या IFSC code या अन्य प्रकार की गलती के कारण लोगों के खाते में प्रतिमास 1000 रुपये नही आ रहे।

इसके समाधान के लिए जरूरी है की वे लोग अपना e-shram Card update कर लें।

E-shram card फ्री में कर सकते हैं अपडेट E-shram card can be updated for free

यदि E-shram Card किसी और से अपडेट कराते हैं या किसी दुकान पर अपडेट कराते हैं तो उसका कुछ न कुछ चार्ज लगता है, मगर श्रम कार्ड अपडेट करना बहुत ही आसान है इसे आप अपने मोबाइल से घर बैठे फ्री में 5 मिनट में कर सकते हैं।

यह लोग कर सकते हैं अपना श्रम कार्ड अपडेट

श्रम कार्ड अपडेट करने के लिए जरूरी है आपके पास श्रम कार्ड नंबर हो और अगर कार्ड नंबर नहीं है तो चिंता की बात नहीं है,

E-shram card अपडेट आधार नंबर से भी हो सकता है किंतु आधार नंबर से मोबाइल लिंक होना चाहिए।

क्योंकि कार्ड अपडेट करने के लिए या श्रम कार्ड बनवाने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ती है।

जिसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है तो जिनका आधार मोबाइल नंबर से लिंक है वह घर बैठे बैठे फ्री में अपना ई-श्रम कार्ड अपडेट कर सकते हैं।

How to update e-shram card श्रम कार्ड अपडेट कैसे करें

1 ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले आप e-shram के ऑफिशियल वेबसाइट eshram.gov.in पर जाएं।
Home screen के दाहिने साइड में already registered के बगल में लिखें update पर click करें।
एक नया पेज खुल जाएगा।

2 मोबाइल नंबर भरे

आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर को भरें और उसके बाद कैप्चा कोड भरकर सेंड ओटीपी पर क्लिक करें।
मैसेज में प्राप्त ओटीपी को भरकर submit बटन पर क्लिक करें तो एक नया पेज खुल जाएगा।

3 अब आधार नंबर सबमिट करना होगा

  • अब आधार नंबर भरें।
  • और सेंड ओटीपी पर क्लिक करें
  • प्राप्त ओटीपी को भरकर
  • Validate पर क्लिक करें

4 अब अपने डिटेल्स को अपडेट करें

  • नए पेज में update profile पर click करें।
  • नए पेज पर आपका नाम , बैंक डिटेल्स और अन्य जानकारियां जो आपने पहले भरा था खुल जाएगा।
  • और जो details सही करनी हो उसे अपडेट करें। अपडेट करने के बाद सेव बटन पर क्लिक करें।

इस तरह से आप अपने ई-श्रम कार्ड को अपडेट कर सकते हैं।

दोस्तों अगर आप ने श्रम कार्ड का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है और आप हर महीने आर्थिक लाभ लेना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर जाकर अपना श्रम कार्ड रजिस्टर्ड करें।

eshram.gov.in

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आपका बहुत-बहुत धन्यबाद।

Mobile number update in PAN card सिर्फ 5 मिनट में घर बैठे फ्री में पैन कार्ड में मोबाइल नबंर अपडटे या लिकं करें

Mobile number update in PAN card

नमस्कार दोस्तों , यदि आपके पैन कार्ड में मोबाइल नबंर लिकं नहीं है तो आपको कई जगहों पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

मगर अब NSDL और UTI दोनों ही कंपनियां अपने पोर्टल पर मोबाइल नबंर, ईमेल आईडी और अन्य अपडटे करने की सविुविधा देर ही है, जिससे आप घर बैठे-बैठे फ्री में अपने पैन कार्ड में अपना मोबाइल नबंर अपडटे या लिकं
कर सकते हैं।

Mobile number update in PAN card-min

पैन कार्ड में मोबाइल नंबर लिकं करना जरूरी क्यों? Why is it necessary to link mobile number in PAN card?

दोस्तों कई जगह सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यों में e-kyc कराने, पैन कार्ड की कॉपी डाउनलोड करने, इसके अतिरिक्त Pan authentication के लिए पैन कार्ड में लिकं मोबाइल नबंर पर OTP भेजी जाती है और यह तभी
सभंव है जब आपके पैन कार्ड में मोबाइल नबंर अपडटे होगा।

फ्री में आप भी कर सकते हैं पैन कार्ड में जरूरी अपडेट You can also do necessary updates in PAN card for free

जानकारी के अभाव में हम अपना पैन कार्ड दूसरों से अपडटे कराते हैं जिसके लिए हमें कुछ चार्ज देना पड़ता है।

लेकिन पैन कार्ड की कुछ जानकारी जैसे मोबाइल नबंर , ईमेल आईडी और अन्य अपडटे फ्री में हम घर बैठे-बैठे कर सकते हैं, इसके लिए हमें कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा।

पैन कार्ड में मोबाइल अपडटे के लिए यह है जरूरी It is necessary for mobile update in pan card

पैन कार्ड में मोबाइल नबंर अपडटे करने के लिए हमें आधार की जरूरत पड़ती है जिसमें मोबाइल नबंर लिकं होना चाहिए।

क्योंकि पैन कार्ड में मोबाइल अपडटे के लिए Aadhar authentication की जरूरत पड़ती है जिसके लिए OTP भी जरूरी है।

तो जिनके आधार कार्ड में मोबाइल नबंर लिकं है वह घर बैठे फ्री में अपने पैन कार्ड में मोबाइल नबंर लिकं कर सकते हैं।

पैन कार्ड में मोबाइल नंबर अपडटे करना है आसान जानिए ऐसे Updating mobile number in PAN card is easy, know this way

सबसे पहले जिस कंपनी NSDL या UTI के द्वारा आप का पैन कार्ड बना है ( पैन कार्ड कंपनी की जानकारी आपके पैन कार्ड के पीछे साइड में मिल जाएगी)

उसकी वेबसाइट के पोर्टल पर चले जाना है और पोर्टल पर जानेके बाद उसमें जरूरी जानकारी जैसे कि आधार नबंर , मोबाइल नबंर, ईमेल आईडी पैन नबंर भर देना है उसके बाद OTP के लिए क्लिक करना है जिसके
बाद आपके आधार से लिकं मोबाइल नबंर पर एक OTP आएगी उस OTP को भरने के बाद आपको submit बटन पर क्लिक करना है।

Submit बटन पर क्लिक करने के बाद आपके मोबाइल नबंर अपडटे का रिक्वेस्ट NSDL या UTI कंपनी के पास चली जाएगी और 7 दिन के अदंर आपका मोबाइल नबंर पैन कार्ड में अपडटे हो जाएगा।

यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ whatsapp पर जरुर शेयर करें।

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आपका बहुत-बहुत धन्यबाद।

Dowry Death in India दहेज हत्याओं पर आया सुप्रीम कोर्ट का ये अहम फैसला

Dowry Death in India : भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना के नेतृत्व में बनी हुई कमेटी ने हाल ही में एक निर्णय सुनाया। हम में से कोई भी नागरिक या कोई विदेशी नागरिक अपराध करता है तो उसके अपराधों पर क्या सजा होगी इसके बारे में भारतीय दंड संहिता Indian penal code में लिखा गया है।

अंग्रेजों के समय से ही चली आ रही है भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code

भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code मैकाले के समय में 1862 में लिखा गया था। जिसमें यह लिखा गया था कि कोई भी व्यक्ति अगर किसी भी प्रकार का अपराध करता है तो उसे कौन सी सजा दी जाएगी। अंग्रेज तो भारत छोड़कर चले गए लेकिन उस समय की लिखी हुई भारतीय दंड संहिता indian penal code आज तक चली आ रही है। क्योंकि उस समय भी जो IPC लिखा गया था वह काफी सोच समझकर लिखा गया था।

आजादी के बाद भारत सरकार को जब जरूरत पड़ी तो 1970 में आपराधिक प्रक्रिया संहिता Criminal Procedure – CRPC लिखा। जिसमें यह लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का अपराध करता है तो उसे पकड़ने के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया ( प्रोसीजर ) अपनाई जाएगी।

भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code में कई ऐसे अपराध थे जिनका जिक्र नहीं था।
जिस समय अंग्रेजों ने भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code लिखा था उस समय बहुत सी ऐसी घटनाएं थी जिनके बारे में इसमें जिक्र नहीं किया गया था। लेकिन आगे चलकर हमें जैसी-जैसी घटनाएं मिलती गई उसके हिसाब से नए-नए कानून बनाते चले गए। भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code और नए-नए बनाए गए कानूनों के आधार पर अपराधी को सजा दी जाती है।

6. Dowry Death in India दहेज हत्याओं पर आया सुप्रीम कोर्ट का ये अहम फैसला

दहेज लेने के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या है?

अंग्रेजों के समय पर ही दहेज को लेकर IPC की धारा 304B में लिखी गई थी। लड़कों को लगता है कि वह जब किसी लड़की से शादी करते है तो लड़की अपने यहां से बहुत कुछ लेकर आएगी। वह अपेक्षा करते हैं कि जब वह लड़के के यहां आए तो अपनी जिंदगी जीने के लिए अपने घर से ही पूरा सामान लेकर आए तभी वह लड़के के साथ रहे।

लड़के के साथ जीवन भर रहने का खर्च लड़की ही दें यही मानसिकता आगे चलकर दहेज का रूप ले लेती है। कई बार यह देखा जाता है कि जब कोई लड़का पढ़ लिख कर कामयाब हो जाता है तो वह समाज से अपेक्षा करने लगता है कि हमने जो ज्ञान प्राप्त किया है इसकी वैल्यू समाज लगाए, यही दहेज कहलाता है।

ससुराल में आत्महत्या करने पर क्यों मजबूर हो जाती है लड़कियां?

कई बार यह देखा जाता है कि जो अपेक्षा आपके दिमाग में समाज से आई है वही अपेक्षा आपको उस लड़की से भी होती है जो लड़की आपसे शादी करके आपके साथ जीवन जीने के लिए अपना घर छोड़कर आई है। जो आपके साथ जीवन जीना चाहती है वही उनकी मौत का कारण भी बन जाती है।

लड़की की ससुराल में उसके सास ससुर द्वारा बहुत प्रताड़ित किया जाता है। उस लड़की को बार-बार ये कहा जाता है कि तुम्हारे मां बाप ने तो हमें इतना रुपया दहेज, ऐसी मोटरसाइकिल या इस प्रकार की फोर व्हीलर गाड़ी देने को कहे थे। लेकिन विवाह हो जाने के बाद उन्होंने हमें कुछ नहीं दिया। लड़की को रोज-रोज ससुराल वालों से ताने सुन-सुन के परेशान हो जाती है और आत्महत्या करने पर भी मजबूर हो जाती है।

अब मानसिक अवसाद भी होगा दहेज हत्या dowry death.

हममें से जो समाज की व्याख्या करने वाले लोग हैं उन्होंने कभी मानसिक अवसाद को वैल्यू ही नहीं दी। उन्हें लगता है की अवसाद एक ही प्रकार का होता है। अवसाद का मतलब यह होता है कि कोई महिला ससुराल वालों से परेशान होकर अपनी जान तक देने का निर्णय कर ले तो यह भी एक मानसिक अवसाद है।

आज की व्याख्या बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में एनवी रमन्ना ने कहा है की अवसाद कैसा भी हो परेशानी कैसा भी हो वह मानसिक भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में मानसिक अवसाद के कारण यदि किसी महिला की मृत्यु होती है तो यह घटना भी दहेज हत्या dowry death मानी जाएगी।

भारत की संविधान में IPC की धारा 304B में दहेज ऊपर एक लाइन लिखी हुई है। जिसमें यह कहा गया है कि अगर किसी महिला की मौत जलने या ऐसे घाव से 7 साल के भीतर हुई है जिसमे में यह सिद्ध हो जाता है कि उस महिला की मौत उसके पति या उसके किसी रिश्तेदार द्वारा उसको जलाकर या प्रताड़ित करके मारा गया है तो यह दहेज हत्या dowry death मानी जाएगी

क्या है यह पूरा मामला जिस पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है?

मानसिक अवसाद की घटना 1997 बिहार में देखा गया था। जहा पर दहेज की प्रताड़ना से पीड़ित होकर एक महिला घर छोड़ कर चली गई। घर छोड़ के चले जाने के कुछ दिनों बाद उस लड़की की कंकाल एक नदी किनारे पड़ी हुई मिली थी। घरवालों की शिकायत पर कोर्ट ने लड़की के ससुराल वालों पर दहेज हत्या dowry death का केस चला दिया।

IPC की धारा 304B में यह साफ लिखा गया है कि अगर किसी महिला की मृत्यु जलाकर या उसे प्रताड़ित करके किया गया है तो इसे दहेज हत्या dowry death माना जाएगा।

लड़की के ससुराल वाले पक्ष का वकील है वह यह दलील देते हुए फिर रहा है कि सर एक बात बताइए की लड़की घर छोड़ कर चली गई। उसकी डेड बॉडी कई दिनों बाद नदी किनारे मिली ऐसी स्थिति में जो IPC की धारा 304B में यह लिखी हुई है कि उसकी मृत्यु से पहले यह सिद्ध हो जाता है कि उसके साथ अत्याचार हुआ था तो ही आप इसे दहेज हत्या dowry death कहेंगे।

बचाव पक्ष का यह कहना है कि जब लड़की ससुराल छोड़कर खुद ही चली गई थी तो यह कैसे सिद्ध हो जाता है कि लड़की के ससुराल वालों ने ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया है या दहेज के कारण ही उसकी मृत्यु हुई है। ऐसी स्थिति में आप लड़की के ससुराल वालों पर दहेज हत्या dowry death का केस नहीं लगा सकते हैं कृपा करके आप इन्हें छोड़ दीजिए।

सुप्रीम कोर्ट को यही व्याख्या करनी थी कि जो यह Soon before her death हैं। यह जो Soon शब्द है वह कितने जल्दी की बात कर रहा है। बस इसी बात को लेकर यह केस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। जहा पर एनवी रमन्ना जी की बेंच ने इस बात पर व्याख्या दी कि अब तक जितने भी निर्णय हुए थे वह इस बात पर हुए थे कि मारने वाले अगर ससुराल पक्ष के हैं तो यह दहेज हत्या dowry death मानी जाती है।

कई बार दहेज लालची लोग लड़कियों को जला देते हैं, गला घोट कर मार देते हैं या पीट-पीटकर मार देते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि देश के अंदरजो दहेज प्रताड़ना के कारण लड़कियों की मृत्यु हुई है वह लगभग 7000 है। यह आंकड़े नेशनल क्राइम ब्यूरो के द्वारा दिया गया है। बड़ा सवाल यह है कि जिसे मार दिया गया उसे तो दहेज हत्या dowry death मान लिया जाता है।

लेकिन अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है जो खुद ही जाकर आत्महत्या कर लेता है तो इसे क्या माना जाएगा। भारत के अंदर अनुच्छेद Article 21 हमें जीने का अधिकार देता है। तो ऐसी स्थिति में बचाव पक्ष का यह कहना है कि हमने तो ऐसा कुछ नहीं किया है वह तो अपने आप ही आत्महत्या कर ली तो इसमें हम लोग क्या कर सकते हैं।

कोर्ट ने यह फैसला इसी बात पर सुनाया है कि लड़की अपने आप ही आत्महत्या नहीं की है। उसे यहां तक पहुंचाने के लिए ससुराल पक्ष के लोगों ने ही उसको मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उसने अपने Soon before her death का व्याख्या करते हुए कहा है कि शादी से लेकर 7 साल तक का समय पूरा Soon मे ही आएगा।

अगर कोई किसी लड़की को ताने मारता है जिससे वह तंग आकर आगे चलकर आत्महत्या करती है और यदि या सिद्ध हो जाता है कि यह घटना कंटिन्यूटी में बनी हुई घटना है तो यह अब दहेज हत्या dowry death मानी जायेगी।

Gay Men Become Parents समलैंगिक पुरुष अब इज़राइल में Parents बन सकते हैं

Gay Men Become Parents : आजकल इजराइल में एक खबर चर्चा का विषय बना हुआ है कि समलैंगिक पुरुष भी अब पेरेंट्स बन सकते हैं। सेम-सेक्स जोड़े, अविवाहित पुरुष अब अगले सप्ताह से सरोगेसी का विकल्प चुन सकते हैं ।

समलैंगिक विवाह क्या है? What is same-sex marriage?

सेम-सेक्स मैरिज मतलब यह है कि अब पुरुष, पुरुष के साथ एवं महिला, महिला के साथ शादी कर सकती है। जिसे हम होमो सेक्स मैरिज कहते हैं। सामान्यतः अब तक यही हो रहा था की कोई महिला पुरुष के साथ या कोई पुरुष महिला के साथ ही शादी करता था। जिसे हम हैट्रो सेक्स मैरिज कहते हैं।

ऐसी स्थिति में Lesbian Gay Bisexual and Transgender ( LGBT ) की शादी को कानूनी मान्यता दे दी गई है। मगर जब इनके पेरेंट्स बनने की चाहत होगी तो वह कैसे बन सकते हैं, क्योंकि पैरंट्स बनने के लिए दो अलग-अलग जेंडर की आवश्यकता होती है। चूकि यह दोनों सेम जेंडर के होंगे तो इनके पास या तो स्पर्म होगा या सिर्फ ओभम ही होगा।

ऐसे में इनकी शादी को कानूनी मान्यता देकर सरकार क्या कर लेगी सरकार के पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी तो है ही नहीं कि जिसे वह परमिशन दे दे कि जाइए अब आप बच्चे पैदा कर सकते हैं।

5. Gay Men Become Parents समलैंगिक पुरुष अब इज़राइल में Parents बन सकते हैं

इजराइल में सरकार ने क्या परमिशन दीया है?

कई बार यह देखा जाता है कि जो दो महिलाएं आपस में शादी कर लेती है तो वह यह जानती है कि वह स्पर्म के अभाव में बच्चे पैदा नहीं कर सकती हैं। ऐसे में उनको एक ऐसी तकनीकी की आवश्यकता होती है जिसे हम सहायक प्रजनन तकनीक Assistant Reproductive Technic कहते हैं। इस तकनीक के अंदर ही हम सेरोगेसी और टेस्ट ट्यूब बेबी की चर्चा करते हैं। इस तकनीकी को ही सरकार द्वारा अब मान्यता दे दी गई है।

इजराइल के अंदर इस बात को मान्यता दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति लैसबियन या गे है जो एक साथ रहना चाहते हैं और बच्चे पैदा करना चाहते हैं तो वह अब सरोगेसी के माध्यम से बच्चे पैदा कर सकते हैं। जब इजरायल सरकार द्वारा इसे मान्यता दी गई तो वहां के लोगों ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया है।

इजराइल में सिंगल पुरुषों को भी मिली सेरोगेसी की इजाजत

इजराइल में यदि कोई सिंगल महिला है जो बच्चे पैदा करना चाहती है तो वह स्पर्म डोनर से स्पर्म और अपने ओभम को लेकर भ्रूण निषेचित करके वह अपने गर्भ में रखें या फिर किसी किराए की कोख में रख के भी बच्चे पैदा करना चाहती है तो इसकी इजाजत इजराइल में पहले से ही है।

लेकिन अब यदि कोई सिंगल पुरुष है जो किसी एग डोनर से एग लेकर अपने स्पर्म से भ्रूण को निषेचित करके किसी दूसरी महिला की कोख में रख कर सरोगेसी के माध्यम से विकसित करना चाहता है तो अब इजराइल में इसकी इजाजत भी दे दी गई है। इजराइल में इस बात का जश्न हो रहा है।

सरोगेसी और सेरोगेट मदर क्या है?

सरोगेसी के अंदर ही बच्चे की चाहत रखने वाले कपल्स अपने ओभम और स्पर्म को किसी ऐसी महिला की कोख विकसित कराते हैं जो उन्होंने किराए पर लिया है, तो वह सरोगेसी कहलाती है और बाद में जो महिला उस भ्रूण को जन्म देती है उसे सेरोगेट मदर कहा जाता है।

टेस्ट ट्यूब बेबी क्या है?

टेस्ट ट्यूब बेबी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी महिला का ओभम और उसके पति का स्पर्म लेकर एक ट्यूब में भ्रूण विकसित करके वापस उस महिला के गर्भ में स्थापित कर दी जाती है, और उसके बाद वह महिला उस भ्रूण को अपने गर्भ में 9 महीने रखने के बाद जन्म देती है तो उसके द्वारा जन्म लिया हुआ बच्चा टेस्ट ट्यूब बेबी कहलाता है। क्योंकि उसका ओभम और उसके पति का स्पर्म का निषेचन उसके फैलोपियन ट्यूब में न होकर किसी दूसरे ट्यूब में हुआ रहता है।

LGBTQ क्या होता है ? What is LGBTQ?

यह 5 शब्दों का संयुक्त रूप है जिसे एक साथ कंबाइंड करके बोला जाता है। जिनका पांचों का अलग-अलग मतलब होता है :-

Lesbian: जब हम Lesbian शब्द का मतलब निकालते हैं तो पाते है की जब एक महिला दूसरी महिला या एक लड़की दूसरी लड़की के साथ में अपने आपको इमोशनली, फिजिकली और सैक्सुवली अट्रैक्टेड फिल करती है जो कि सेम जेंडर का है तो इसे Lesbian कहा जाता है।

Gay: पुरुषों के केस में जब Gay शब्द का उपयोग किया जाता है जिसमे जब एक पुरुष दूसरे पुरुष के साथ इमोशनली, फिजिकली और सैक्सुवली अट्रैक्टेड फिल करता है तो उसे Gay शब्द से परिभाषित किया जाता है।

Bisexual: Bisexual का मतलब यह है कि यदि एक पुरुष जिसे पुरुषो मे आकर्षण और महिलाओं में भी आकर्षण है उसे Bisexual कहा जाता है।

Transgender: Transgender का मतलब एक ऐसे व्यक्ति से है जो सांस्कृतिक रूप से सामाजिक परिवेश में पैदा पुरुष के रूप में या महिला के रूप में हुआ लेकिन उसका जननांगीक ओरिएंटेशन डिफरेंस है उसे Transgender कहा जाता है।

Queer: Queer यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को खुद नहीं पता होता है कि वह क्यूरियस है। यह ऐसे छोटे लोगों की उम्र के लिए है या जिनकी सोच विकसित नहीं हो पाई है जो किसी विषमलैंगिक चीज में इंटरेस्ट नहीं लेते हैं उसे Queer कहा जाता है।

Intersex: Intersex में एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसकी क्रोमोजोम में परिवर्तन के कारण उसका सेक्सुअल ओरिएंटेशन बिगड़ गया है उसे Intersex कहा जाता है।

Miracle of Medical Sciences चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार इंसान के शरीर में लगाया गया सूअर का दिल

Miracle of Medical Sciences : दुनिया में पहली बार इंसान के अंदर जेनेटिकली मोडिफाइड सूअर का दिल लगाया गया है। अमेरिका के डॉक्टर्स ने यह कारनामा कर दिखाया है, जिन्होंने एक 57 वर्षीय व्यक्ति में सफलतापूर्वक सूअर का दिल ट्रांसप्लांट किया है।

इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी से जूझ रही दुनिया के लिए एक नई उम्मीद जगाने वाला कदम है। दुनिया भर में हर दिन ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है।

4. Miracle of Medical Sciences चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार इंसान के शरीर में लगाया गया सूअर का दिल

Miracle of Medical Sciences

Miracle of Medical Sciences : दुनिया में पहली बार इंसान के अंदर जेनेटिकली मोडिफाइड सूअर का दिल लगाया गया है। अमेरिका के डॉक्टर्स ने यह कारनामा कर दिखाया है, जिन्होंने एक 57 वर्षीय व्यक्ति में सफलतापूर्वक सूअर का दिल ट्रांसप्लांट किया है।

इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी से जूझ रही दुनिया के लिए एक नई उम्मीद जगाने वाला कदम है। दुनिया भर में हर दिन ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है।

विज्ञान ने प्रगति की राह पर चलते-चलते आज एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है कि इंसानी जिस्म में सूअर का दिल भी धड़क सकता है। जी हाँ, ये कोई विज्ञान का उपहास नहीं है बल्कि मैरीलैंड में घटित घटना की हकीकत है।

वहाँ दिल की बीमारी से जूझ रहे एक आदमी के दिल में सूअर का दिल लगाया गया है और खास बात ये है कि इस हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद 57 वर्षीय व्यक्ति जीवित भी है।

अमेरिका में एक शख्स के शरीर में सूअर का दिल लगाए जाने की खबरों पर भारत के डॉक्टर ने कहा कि वे ऐसा 1997 में कर चुके हैं। 1997 का ये मामला तब काफी विवादित रहा था। यह प्रयोग करने से पहले डॉक्टर ने डेबिट बेनेट से मांगी थी इजाजत ।

अमेरिका में डेबिट बेनेट का हॉट पूरी तरह फेल हो गया था लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें कुछ उपकरणों और बाईपास सर्जरी से कुछ समय के लिए जिंदा रखा था बाद में उनको बताया गया कि अगर यह उपकरण हटा दिए जाएंगे तो आप की मृत्यु हो जाएगी।

ऐसे में आप बताइए कि यह उपकरण हटा दिया जाए या जो हमारे पास एक ऑप्शन है कि आप में सूअर का दिल लगा कर प्रयोग किया जाए।

तो उनका जवाब था कि इस दुनिया से हम तो जा ही रहे हैं तो क्यों न डॉक्टर की बात मानी जाए और कुछ समय के लिए ही सही लेकिन यह प्रयोग करने दिया जाए हो सकता है कि ऐसा करने से मैं कुछ समय और जीवित रह पाऊं।

डॉक्टर मोहम्मद मोइनुद्दीन यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के प्रोफेसर है जिनका कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल हो गया तो आने वाले समय में यह लाखों लोगों के लिए एक वरदान साबित होगा।

क्या इंसान के शरीर में जानवर का दिल लगाया जा सकता है?

इंसान के शरीर में जानवर का दिल लगाया जाए या नहीं इस पर तो अभी वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। अगर आपके शरीर में कोई इंसान का अंग लगा दिया जाए तो उसे ट्रांसप्लांटेशन कहते हैं, लेकिन आपके शरीर में यदि किसी जानवर का कोई अंग लगा दिया जाए तो इसे जीनो ट्रांसप्लांटेशन कहते हैं।

आखिर सूअर का दिल ही क्यों चुना गया?

ऑर्गन ट्रांसप्लांट की रिपोर्ट के अनुसार सूअर का दिल इंसान में ट्रांसप्लांट करने के लिए उपयुक्त होता है लेकिन सूअर के सेल्स में एक अल्फा-गल शुगर सेल होता है। इस सेल को इंसान का शरीर एक्सेप्ट नहीं कर पाता है जिससे मरीज की मृत्यु भी हो सकती है।

इस परेशानी को दूर करने के लिए पहले ही सूअर को जेनेटिकली मॉडिफाइड किया गया है, इस ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया दिल यूनाइटेड थेरेप्यूटिक्स की सहायक कंपनी रेविविकोर से आया था।

भारत में भी होती है ट्रांसप्लांट के अभाव में ज्यादातर मौतें

भारत में हर साल किडनी, लिवर या हार्ट ट्रांसप्लांट जैसे ऑर्गन ट्रांसप्लांट के इंतजार में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत में हर साल कम से कम 50 हजार से ज्यादा लोगों को हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है, लेकिन उनमें से महज कुछ सौ लोगों को ही ये सुविधा मिल पाती है। भारत में हार्ट ट्रांसप्लांटेशन के लिए महज 300 ही सेंटर हैं, जिनमें ज्यादातर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में हैं।

वैज्ञानिकों ने यह प्रयोग करने से पहले सूअर में ऐसा क्या परिवर्तन किया था?

वैज्ञानिक ने यह प्रयोग करने से सूअर के अल्फा-गल शुगर सेल को निकाल कर इंसान का सेल लगा दिया था। यह प्रक्रिया जितनी आसान लग रही है इतना आसान नहीं है उसके चेंज करने की पूरी प्रक्रिया जेनेटिकली मॉडिफाइड करना कहलाता है।

जेनेटिकली मॉडिफाइड की पूरी प्रक्रिया बायोटेक्नोलॉजी के माध्यम से की जाती है। बायोटेक्नोलॉजी के माध्यम से जो जीव उत्पन्न होता है उसे जेनेटिकली मॉडिफाइड जीव कहा जाता हैं।

ऐसा करने के लिए जो मादा सूअर है उसके अंड कोशिका से उसके अल्फा-गल शुगर सेल को हटा दिया जाता है और फिर वापस उस एंड कोशिका को मादा सूअर के गर्भ में रख दिया जाता है और उसके निषेचन की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। उस निषेचन के बाद जो सूअर का बच्चा पैदा हुआ है उससे ही यह दिल निकाल कर इंसान की शरीर में लगाया गया है।

पहले भी हो चुके हैं इस तरह के प्रयोग

जनवरी 1993 में 62 साल के एक शख्स में लंगूर का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था लेकिन 26 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी। 1960 में 13 लोगों को चिम्पाजी की किडनी लगाई गई थी, इनमें से 12 लोगों की ट्रांसप्लांट के हफ्ते भर के अंदर मौत हो गई थी, जबकि एक मरीज नौ और महीने तक जिंदा रहा था।

इसके बाद भी इसकी कुछ नाकाम कोशिशें हुईं। जैसे जून 1992 में पहली बार इंसान के शरीर में लंगूर का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था। ट्रांसप्लांट के 70 दिन बाद मरीज की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई।

जिनोट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया 1984 में हुई एक घटना के बाद लगभग बंद हो गई। 1984 में कैलिफोर्निया में बेबी फाइ (Baby Fae) नामक दिल की बीमारी के साथ पैदा हुए बच्चे में लंगूर का दिल ट्रांसप्लांट किया गया था, लेकिन इस ट्रांसप्लांट के कुछ ही महीने बाद बच्चे की मौत हो गई थी।

1984 में एक बच्चे के सरीर में बबून ( बंदर की एक प्रजाति) का दिल ट्रांसप्लांट किया गया था, लेकिन वह बच्चा सर्जरी के 21 दिन तक ही जिंदा रह पाया था ।

PM Kisan Mandhan Yojana 2022 किसानों को प्रति वर्ष मिलेंगे 36 हजार रुपये

PM Kisan Mandhan Yojana 2022 : किसानों को प्रति वर्ष मिलेंगे 36 हजार रुपये, जानिए किसे दिया जाएगा इस योजना का लाभ।

जिस प्रकार कोई व्यक्ति जब सरकारी नौकरी करने के बाद जब रिटायर होता है तो उसे पेंशन दी जाती है, ठीक उसी प्रकार यह पीएम किसान मानधन योजना है। जिसमें किसानों को हर महीने पेंशन दी जाती है। पीएम किसान मानधन योजना के तहत उम्र के अनुसार मासिक योगदान करने के बाद, 60 वर्ष की आयु के बाद, किसानों को 3000 रुपये मासिक या 36000 रुपये सालाना पेंशन मिलती है।

3. PM Kisan Mandhan Yojana 2022 किसानों को प्रति वर्ष मिलेंगे 36 हजार रुपये

PM Kisan Mandhan Yojana 2022 क्या है?

PM Kisan Mandhan Yojana : यह प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही एक महत्वकांक्षी योजना है। उनके द्वारा चलाई जा रही इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को हर महीने एक निर्धारित राशि जमा करना होगा।

जो किसानों की उम्र के हिसाब से किस्तो में जमा की जाएगी। पीएम किसान मानधन योजना से किसान प्रति वर्ष 36000 रुपये का लाभ उठा सकते हैं।

इस योजना के तहत किसानों को पेंशन के रूप में 60 साल की उम्र पार करने के बाद हर महीने 3000 रुपये यानी कि सालाना 36000 रुपये मिलेंगे।

PM Kisan Mandhan Yojana ( पीएम किसान मानधन योजना ) गरीब और मध्यमवर्गीय किसानों को लिए बहुत ही कारगर योजना है। जो किसानों के बुढ़ापे में आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

क्योंकि 60 वर्ष के बाद कोई भी किसान यदि खेती करने में असमर्थ है तो वह उस समय प्रति महीने मिलने वाली 3000 रुपए से अपना बुढ़ापे का खर्च चला सकता है। किसानों को सालाना 36,000 रुपये मिलेंगे।

18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच का कोई भी किसान ले सकता है भाग।

कितने उम्र वाले लोगों के लिए है यह योजना ?

प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे इस योजना के लिए हर वह किसान जो 18 से 40 वर्ष के बीच का आयु पूरा कर चुका है वह इस पीएम किसान मानधन योजना के लिए पात्र होगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानो को उम्र के हिसाब से किश्त की देय राशि तय की जाती है। इसके लिए अंशदान 55 रुपये से 200 रुपये मासिक है। जो कोई भी किसान चाहे तो यह राशि देकर इस योजना का लाभ उठा सकता है।

यह पेंशन फंड भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है।

कितने उम्र के किसानों के लिए कितनी होगी देय राशि

अलग-अलग उम्र के किसानों के लिए अलग-अलग राशि इस योजना में जमा करना होगा। 18 से 29 साल की उम्र के किसानों को 55 से 109 रुपये के बीच की किश्त देनी होगी।

30 से 39 साल की उम्र के किसानों को 110 से 199 रुपये के बीच की किश्त देनी होगी।

अगर कोई किसान 40 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है तो उसे हर महीने 200 रुपये जमा करवाने होंगे।

अगर आवेदनकर्ता पहले से पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं तो उन्हें अलग से कोई डॉक्यूमेंट सबमिट नहीं करना होगा।

PM Kisan Mandhan Yojana में अप्लाई करने के लिए किसानों को कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता होगी?

PM Kisan Mandhan Yojana में अप्लाई करने के लिए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता होगी

  • आधार कार्ड
  • बैंक अकाउंट डिटेल के लिए बैंक पासबुक
  • पीएम किसान मानधन योजना के लिए, किसान को निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर में जाना होगा और अपना पंजीकरण करवाना होगा।
  • इसके लिए किसान के आधार कार्ड और खसरा खतियान की एक प्रति लेनी होगी।
  • इसके साथ ही किसान दो पासपोर्ट साइज फोटो भी लगानी होगी।
  • पंजीकरण के दौरान, किसान के पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा।
  • इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं है।

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Mars 2050 क्या मंगल ग्रह पर 2050 तक बसाई जा सकती है इंसानी बस्ती

Mars 2050 क्या मंगल ग्रह पर 2050 तक बसाई जा सकती है इंसानी बस्ती

Mars 2050 एलोन मस्क पूरी दुनिया की टेक्नोलॉजी एक ही झटके में चेंज करने वाले इंसान है। कई लोग इनको फ्यूचर का इंसान कहते हैं। लोग ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि यह अकेले ऐसे इंसान है जो मानव जाति को मंगल ग्रह पर बसाने के लिए लंबे समय से एक कंपनी बनाकर काम में जुटे हुए हैं। उनका सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि वह आने वाले समय में मंगल ग्रह पर इंसानों को बसा सके।

एलोन मस्क ने क्या कहा है?

किसी एक्सपोर्ट ने इनसे जब पूछा कि आपको इंसानों को पृथ्वी से छोड़कर मंगल ग्रह पर बसाने की बात क्यों कर रहे हैं ? तो इनका जवाब था कि करोड़ों साल पहले एक बहुत बड़ा एस्ट्रो राइड पृथ्वी से टकराया था जिससे कि पृथ्वी पर रहने वाले बड़े-बड़े डायनासोर और बड़े जंतुओं का विनाश हो गया था।

हो सकता है कि आने वाले समय में कुछ ऐसा ही एस्ट्रो राइड पृथ्वी से टकरा जाए और मानव जाति का संपूर्ण खात्मा हो जाए इसलिए इंसानों को बचाने के लिए वह मंगल ग्रह पर जाने की बात कर रहे हैं ऐसा करने के लिए वे तरह-तरह के रॉकेट और स्पेस क्राफ्ट बना रहे हैं जिसमें एलोन मस्क पानी की तरह पैसा बाहा रहें है।

अभी मंगल ग्रह पर रहना इतना आसान नहीं होने वाला है?
उनकी कंपनी ने कुछ बड़े-बड़े प्रयोग कर लिए हैं आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि एलोन मस्क पूरी मानव जाति का बीड़ा उठाकर उन्हें मंगल ग्रह पर पहुंचा पाते है या नहीं। आजकल हर इंसान इसके विषय में बात कर रहा है कि आने वाले समय में इंसान मंगल ग्रह पर अपना घर बना कर अपने परिवार के साथ रह सकेगा, लेकिन इसके साथ वह यह भी जानता है कि जैसा दिखता है वैसा रियल में होता नहीं है। असल में मंगल ग्रह पर रहना इतना आसान नहीं है मंगल ग्रह पर इंसानों को रहने योग्य बनाने के लिए अभी उस पर बहुत सारे काम होना अभी भी बाकी है।

2. Mars 2050 क्या मंगल ग्रह पर 2050 तक बसाई जा सकती है इंसानी बस्ती

मंगल ग्रह पर अभी तक क्या-क्या मिले हैं?

मंगल ग्रह की वातावरण की बात की जाए तो वहां पर बहुत अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद है जबकि ऑक्सीजन बहुत कम मात्रा में है। इसके अलावा मंगल ग्रह पर नाइट्रोजन गैस भी मौजूद है। सबसे बड़ी बात यह है कि मंगल ग्रह पर पानी भी मौजूद है लेकिन वह तरल मात्रा में ना होकर बर्फ की मात्रा में उपलब्ध है।

मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण भी है
इसके साथ साथ वहां पर पृथ्वी की तरह गुरुत्वाकर्षण भी है। पृथ्वी के मुकाबले मंगल ग्रह का गुरुत्वाकर्षण केवल एक तिहाई है और यहां पर दिन और रात की बात की जाए तो पृथ्वी और मंगल ग्रह सूर्य की परिक्रमा लगभग एक ही समय पर करते हैं। बस इनमें 40 मिनट का फर्क होता है इन सभी कारणों से ही वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर इंसानों को रहने के लिए सबसे उपयुक्त माना है।

मिलेगी बार-बार रॉकेट नष्ट होने की समस्या का समाधान

एलोन मस्क का उद्देश्य यह है कि अगर इंसानों को बचाना है तो मंगल ग्रह पर जाना जरूरी है। मंगल ग्रह की दूरी तय करने के लिए अच्छे खासे पैसों की जरूरत पड़ती है और इस समस्या को दूर करने के लिए उनका यह कहना है कि रीयूज एबिलिटी स्थापित किया जाये अर्थात जब अंतरिक्ष में किसी रॉकेट को भेजा जाता है तो उसका इस्तेमाल केवल एक बार ही हो पाता है लेकिन वह एक ऐसा रॉकेट बनाने में लगे हैं जिसका इस्तेमाल बार-बार किया जा सके।

एलोन मस्क ने ऐसा करने में सफलता भी हासिल कर लिया है। 2015 में स्पेस एक्ट वेलकन 9 रॉकेट को बनाकर एक नया इतिहास रच दिया। यह ऐसा राकेट है जिसका बार बार इस्तेमाल किया जा सकता है और उन्होंने ऐसा करके दिखा दिया है। उन्होंने इस रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा और धरती पर लैंड कराया ।

मंगल ग्रह के वातावरण को इंसानों के रहने लायक कैसे बनाया जाएगा?
आप यह समझ सकते हैं कि जब किसी चीज का बार बार इस्तेमाल किया जाता है तो उसका कॉस्ट कम हो जाता है। ऐसा नहीं है कि हम सभी मंगल ग्रह पर जाकर बड़े आराम से रहने लगेंगे। वहां रहने के लिए अभी बहुत सारी चुनौतियां है, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वहां का वातावरण इंसानों के रहने के लिए अभी उपयुक्त नहीं है

मंगल ग्रह को इंसानों के रहने के लायक बनाने के लिए टेराफॉर्म करने की आवश्यकता है यानी कि इस ग्रह के वातावरण को पूरी तरह चेंज करने की जरूरत है।

मंगल ग्रह पर कैसे रहेंगें इंसान

स्पेस एक्ट के मालिक एलोन मस्क का कहना है कि मंगल ग्रह पर शुरुआती दिनों में इंसान को कांच की चेंबर में बनी कॉलोनी में रहना होगा जिसके अंदर का तापमान इंसानों के रहने योग्य मेंटेन करके किया जाएगा और धीरे-धीरे जब मंगल ग्रह के वातावरण को इंसानों के रहने योग्य बना दिया जाएगा तब वहां पर कांच की बनी हुई कालोनियों की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मंगल ग्रह पर मिले मटेरियल से ही बनाए जाएंगे स्पेस रॉकेट के इधन

एलोन मस्क का अगला लक्ष्य है कि वह मंगल ग्रह पर ही स्पेशल प्रोपेलेंट बनाना। प्रोपेलेंट क्या मतलब यह है कि मंगल ग्रह पर ही रॉकेट का ईंधन बनाने का काम किया जाएगा। ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि एक बार किसी स्पेस रॉकेट को मंगल ग्रह पर भेज दिया जाएगा तो उसे धरती पर वापस आना ही पड़ेगा।

ऐसा नहीं किया गया तो मंगल ग्रह पर रॉकेट और स्पेस शटल का अंबार लग जाएगा। जो इंसानों के रहने के लिए कम और कबाड़खाना ज्यादा लगेगा। साथ ही साथ वहां पर रहने का जो खर्च है वह बढ़ता चला जाएगा। इसीलिए मंगल ग्रह पर जो इधन मौजूद है उससे इन रॉकेट को चलाने का फ्यूल तैयार किया जाएगा तो वहां पर जाने के लिए लगने वाला जो खर्च है उसे 5 गुना तक कम हो सकता है।

एलोन मस्क का कहना है कि मंगल ग्रह का जो वातावरण है वह ईंधन बढ़ाने के लिए उपयुक्त है। इंसान को मंगल ग्रह पर ले जाने और ले आने के लिए जो लगने वाला इधन है वह अधिक होता है जो कि अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण है। इससे जो स्पेस शटल है वह काफी भारी, लंबा हो जाता है जिसमें अधिक से अधिक इंसानों को नहीं ले जाया जा सकता है।

अगर किसी ऐसी तकनीकी को विकसित किया जाए कि जो मंगल ग्रह पर मिलने वाला इधन है, उससे ही स्पेशल सटल वापस धरती पर आ जाए तो आने वाले दिनों में इंसानों को मंगल ग्रह पर जाने और आने के लिए अतिरिक्त ईंधन लेकर नहीं जाना पड़ेगा।

ऐसा कौन सा ईंधन इस्तेमाल किया जाएगा

देखा जाए तो पृथ्वी पर ही मौजूद ईंधन धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं। तो ऐसा कौन सा ईंधन होगा जो मंगल ग्रह पर जाकर वापस आने के लिए सही साबित होगा। ऐसा मान के चलिए कि यदि आपका स्पेस शटल मंगल ग्रह पर चला जाए और वापस आने के लिए उसके पास पर्याप्त ईंधन ना हो तो ऐसा क्या किया जाएगा, तो इसका भी जवाब वैज्ञानिकों के पास है वैज्ञानिकों का कहना है कि जो स्पेस शटल में ईंधन प्रयोग किया जाएगा वह मंगल ग्रह और मौजूद मटेरियल से ही बनाया जाएगा जो स्पेस शटल को वापस आने में मदद करेगा।

आज के समय में रॉकेट में सबसे हाई क्वालिटी का केरोसिन इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन मंगल ग्रह पर जाने वाले रॉकेट में मीथेन गैस का प्रयोग किया जाएगा जिसे मंगल ग्रह पर ही बनाया जा सकता हैं।

यह कैसे काम करेगा

सबसे पहले स्पेसशिप को रॉकेट में फिट किया जाएगा। रॉकेट इसे लेकर पृथ्वी की कक्षा में स्टेबल कर देगा। स्पेसशिप को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने के बाद यह रॉकेट स्पेसशिप से अलग हो जाएगा और यह राकेट वापस धरती पर सुरक्षित उतर जाएगा। धरती पर वापस उतरने के बाद इसमें फिर से फ्यूल टैंक लगा दिया जाएगा और यह फिर से स्पेसशिप तक पहुंच जाएगा।

स्पेसशिप से कनेक्ट होने के बाद वह इसे मंगल ग्रह की तरफ धकेलना शुरू कर देगा और जब फिर से इसका ईंधन खत्म होगा तो वापस यह धरती पर आएगा। इसी तरह फिर से स्पेसशिप तक पहुंच जाएगा, ऐसा 3 से 5 बार बड़े आसानी से किया जा सकता है। जैसे ही स्पेसशिप मंगल ग्रह के करीब पहुंचने लगेगा उस में लगे हुए सोलर पैनल पूरे स्पेसशिप को पावर देना शुरू कर देंगा। उसके बाद रॉकेट को वापस धरती पर आकर ईंधन ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

स्पेसशिप जब मंगल ग्रह पर पहुंच जाएगी तो उस रॉकेट को वापस धरती पर भेजने के लिए मंगल ग्रह पर बनी हुई ईंधन का प्रयोग किया जाएगा। जिससे रॉकेट वापस धरती पर आकर दूसरे स्पेस शटल को फिर से मंगल ग्रह तक ले जा सकता है। इस मिशन को पूरा करने के लिए एक दिन और तारीख निर्धारित की जाएगी।

26 महीने बाद एक ऐसा समय आता है जब पृथ्वी और मंगल ग्रह काफी करीब होते हैं
26 महीने में एक ऐसा समय आता है जब मंगल ग्रह और पृथ्वी काफी करीब होते हैं। जिस दिन को लांच विंडो कहा जाता है और यह सही समय होता है जिस समय स्पेसशिप को मंगल ग्रह पर बड़े आसानी से पहुंचा जा सकता है। जैसे ही यह समय करीब आएगा वैसे ही हजारों स्पेसिफिक मंगल ग्रह पर एक साथ भेजे जा सकते हैं। अगर पृथ्वी पर किसी प्रकार का कोई अपना आती है तो मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों को बसाने के लिए 40 से 50 साल लग सकते हैं।

Ukraine Russia war रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध से दुनिया को कितना नुकसान हो गया है ?

Ukraine Russia war : हम लोग सोच रहे हैं कि रूस और यूक्रेन के युद्ध में केवल यूक्रेन और रूस का ही नुकसान हो रहा है। जब युद्ध होता है तो उस देश के साथ-साथ अन्य देशों को भी काफी नुकसान होता है। आज के इस आर्थिक युग में छती किन-किन देशों को हुई है, क्या भारत जैसे विशाल देश पर भी इस युद्ध का असर देखने को मिल रहा है।

हम लोगों को लगता है कि युद्ध तो रूस और यूक्रेन के बीच हो रहा है तो इस युद्ध से हमारा क्या लेना देना है। लेकिन इस युद्ध के कारण ही हम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इस युद्ध का असर डीजल पेट्रोल पर भी हो रहा है।

Ukraine Russia war

पूरे विश्व में जितने भी उद्योगपति या अमीर आदमी है जो शेयर मार्केट में पैसे लगाए हैं उनका एक ही दिन में करोड़ों का नुकसान हो गया है। इस युद्ध से उनका इतना नुकसान हो गया है कि आप इसका अंदाजा केवल यूक्रेन और रूस पर केंद्रित करके नहीं कर सकते हैं। दुनिया में युद्ध जहा एक तरफ अशांति का केंद्र दिखाइए देता है।

आज जब पूरा विश्व जब एक हो चुका है तो उस युद्ध का असर किसी एक देश पर नहीं बल्कि पूरे विश्व पर पड़ता है। बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सेंसेक्स एक ही दिन में 13.6 लाख करोड़ रुपए डूब गया। आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि दुनिया भर के इंडेक्स कहां कहां तक पहुंच गए होंगे।

Ukraine Russia war

डूब गया भारत के उद्योगपतियों का करोड़ों रुपए

रूस और यूक्रेन के जंग में भारत के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी का 21820 करोड़ का नुकसान और गौतम अडानी का 9782 करोड़ का नुकसान हो गया है। वही एलन मस्क की संपत्ति 17 लाख करोड़ से घटकर 16 लाख करोड़ हो गई है। बहुत सारे लोग यह समझते हैं कि नुकसान तो इन बड़े लोगों का हुआ है लेकिन ऐसा नहीं है।

इन बड़े लोगों के पास हम जैसे लोगों का ही पैसा तो होता है जो हम लोग कहीं ना कहीं इन लोगों के पास या फिर कंपनी में इन्वेस्ट किए होते हैं, जो यह लोग पैसे को शेयर मार्केट में लगाए रहते हैं। अगर उनका नुकसान इतना बड़ा हो सकता है तो इसका असर हम लोगों के ऊपर भी पड़ने वाला है।

रूस के हमले का मुंह तोड़ जवाब दे रहा है यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ चुकी है। टैंक जमीन पर हैं, आसमान में लड़ाकू विमान गश्त लगा रहे हैं और समुद्र में नौसेना भी सक्रिय हो गई है। ऐसे में दोनों देशों की तरफ से दावे बड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि एक दूसरे को बड़ा नुकसान कर दिया गया है।

यूक्रेन का कहना है कि वह रूस के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। यूक्रेन की मानें तो उसने अभी तक रूस के कुल 7 लड़ाकू विमान ढेर कर दिए हैं। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि उसके पचास सैनिकों को भी मौत के घाट उतार दिया गया है। यूक्रेन ने यहां तक दावा किया है कि उनकी तरफ से रूस की 2 कार्गो शिप पर भी हमला किया गया।

एलन मस्क एक लाख करोड़ से भी ज्यादा का हुआ नुकसान

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति टेस्ला के एलन मस्क की संपत्ति में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की गिरावट आ गई है। दोनों देशों की इस लड़ाई में भारत के टॉप-10 कारोबारियों को भी 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है।

फोर्ब्स के मुताबिक, जेफ बेजोस को 41,390 करोड़, बिल गेट्स को 12,793 करोड़, गौतम अडाणी को 9,782 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

यूक्रेन और रूस के बीच हुए युद्ध में शेयर मार्केट पर क्या असर हुआ है?
रूस और यूक्रेन में युद्ध के चलते दुनिया के टॉप-20 सबसे अमीर लोगों ने चंद घंटों में ही लाखों करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, भारत और चीन सहित लगभग हरे बड़े देशों के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।

रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध से दुनिया भर के अमीर व्यक्तियों का कितना पैसा डूब गया है?
सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वालों की लिस्ट में एलन मस्क सबसे ऊपर हैं। फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की संपत्ति भी घट गई है। एलन मस्क, फ्रांस के बर्नार्ड आर्नोल्ट और जेफ बेजोस की कुल संपत्ति में 1.51 लाख करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।

भारत के कारोबारियों को भी इस लड़ाई में तगड़ी चपत लगी है। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को 9,700 करोड़ रुपए, HCL टेक्नोलॉजी के शिव नाडार को 5,300 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

रूस के हमलों के बीच यूक्रेन में तबाही मची हुई है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है। इससे पहले कीव पर छह बार मिसाइल अटैक हुआ था। रूसी हमले में यूक्रेन के 137 लोगों की मौत हो गई वहीं 316 जख्मी हैं।